home Interesting Science Facts पैकेट का दूध क्यों नहीं फटता और Pasteurization और homogenized milk क्या होता है

पैकेट का दूध क्यों नहीं फटता और Pasteurization और homogenized milk क्या होता है

आज के समय में हम सभी लोग दूध का सेवन करते है पहले हमारे पास टाइम होता था तो हम गवाले के पास जाकर दूध लेते थे लेकिन अब समय के अभाब में, जगह के अभाव में, हर जरुरत की चीजों के अभाव में , अब हमारे आस पास न तो कोई डेरी है और न ही हमारे पास टाइम है की अपने घर से २ से ४ किलोमीटर की दुरी पर जाकर रोज दूध ले सके |

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इसी को देखते हुए आज कल पैकेट वाले दूधो की वृधि शुरू हो गई है हलाकि पहले भी पैकेट के दूध बिका करते थे लेकिन कुछ सालो से इनके बकने की दर बढती जा रही है |  ये पैकेट वाले कई टाइप का दूध बेच करते है एक बार जब मैंने ध्यान से पड़ा तो देखा कुछ लोग अपने दूध के पैकेट पर  Pasteurization  लिखे होते है कुछ लोग अपने पैकेट के दूध पर Homogenization लिखे होते है

फिर मेरे मन मैं क्वेश्चन आया की ये होता क्या है इसको पढ़ा जाये और भी बहुत सारे क्वेश्चन  थे मेरे मन में की क्यों इसका दूध २ से तीन दिन तक फटता नहीं है जब की नार्मल cow मिल्क कुछ घंटे न गरम करे तो ये फट जाता है | ऐसे ही कई प्रकार के प्रश्न मेरे दिमाग में चल रहे तो काफी गूगल करने के बाद मेरे मन में आया की क्यों न इसे हमारी आवाज के माध्यम से सभी लोगो तक इस बात को पहुचाया जाये |

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क्या होता है Pasteurization मिल्क :

Pasteurization मिल्क को गरम करने का एक प्रोसेस होता है जिसे कुछ सर्टेन तापमान पर गरम किया जाता है और उसे sudden cool कर दिया जाता है ऐसा करने से इसके कुछ बैक्टीरिया ख़तम हो जाते है | effective Pasteurization के लिए मिल्क को १४५ डिग्री centigrade पर  ३० मिनट तक गरम करते है  | ये काफी कॉमन है जब की अब १६१.६ डिग्री सेंटीग्रेड पर १५ सेकंड के लिए गरम किया जा रहा है  जिसे high temperature short time Pasteurization भी कहते है ऐसा करने से मिल्क दो से तीन हफ्ते तक फ्रेश रहता है

जब की नार्मल cow मिल्क को हम काफी कम टेम्परेचर पर गरम करके बंद कर देते है जिससे उसके अंदर के मिनरल और विटामिन जिन्दा रहते है जब की उपरोक्त मिल्क के अच्छे विटामिन ख़तम हो जाते है 

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अगर हम इसी मिल्क को २८० डिग्री सेंटीग्रेड पर २ सेकंड्स के लिए गरम कर देते है तो इस मिल्क की लाइफ नौ महीने तक बढ़ जाती है इस टेम्परेचर पर मिल्क को गरम करना ultra heat treatment भी कहते है

Pasteurization सारे मिल्क के सारे micro-organisms को ख़तम नहीं करता है बल्कि ये कुछ बैक्टीरिया और enzymes को passive कर देता है FDA और CDC का दावा है की Pasteurization प्रोसेस से मिल्क के अंदर की nutritional value कम नहीं होती है CDC का ये भी दावा है की इसमें एंजाइम के साथ साथ विटामिन C की भी कमी करता है जबकि ये भी क्लियर है की मिल्क विटामिन C का सोर्स नहीं है |

Homogenization
Homogenization एक अलग टाइप का प्रोसेस होता है जो Pasteurization के बाद होती है Homogenization  का मुख्य purpose होता है की ये मिल्क के अंदर के fat के मॉलिक्यूल को break करना है ताकि ये मिल्क से अलग न हो सके |

Without Homogenization  में जब भी हम मिल्क को गरम करते है तो हम देखते है की उसके अंदर का fat गरम करने पर मलाई के फॉर्म में सरफेस पे आ जाता है इस प्रकार दूध को गरम करके उसके अंदर से fat मलाई के फॉर्म में आ कर दूध से अलग किया जा सकता है |

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और जब हम मिल्क का Homogenization  कर देते है तो दूध को गरम करने के बाद भी इसमें मलाई / क्रीम का फार्मेशन नहीं होता है और ये मिल्क के अंदर ही रहता है इसलिए इस मिल्क का taste नार्मल मलाई वाले मिल्क से अलग होता है |

Homogenization एक मैकेनिकल प्रोसेस होता है इसमें कोई अलग से केमिकल या additive मिक्स नहीं किया जाता है | इस प्रकार के मिल्क का दही क्रीम डेरी वाले प्रोडक्ट काफी अच्छे बनाते है परन्तु ये हार्ट के पेशेंट के लिए ठीक नहीं रहता है क्यों की इसके अंदर के fat को अलग नहीं किया जा सकता |

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दोस्तों आज का हमारा आर्टिकल  पैकेट का दूध क्यों नहीं फटता और Pasteurization  और homogenized milk क्या होता है आप को कैसा लगा आप आप हमे जरुर बताये अगर आप को इससे सम्बंधित कोई जानकारी चाहते है तो आप हमे ईमेल भी कर सकते है हमारी आवाज की टीम आप के सवाल का जरुर जबाब देकर काफी ख़ुशी होगी |

 

 

 

 

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