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असफलता से हार ना मान सफल हुए लोगो की कहानियाँ

हर सफल इंसान के पीछे एक बहुत बड़ी कहानी होती है लेकिन हमें हमेशा उसकी सफलता ही दिखती है. हर सफल इंसान कभी न कभी या बहुतों बार असफल अवश्य हुवा होता है. तो आइये मिले ऐसे भारत के कुछ ख़ास लोगो से जिन्होंने असफलताओं से हार नही मानी और जूझते हुए उन पर जीत सुनिश्चित की.

 

महात्मा गाँधी

देश और विदेशो में ख़ासा पहचान रखने वाले महात्मा गांधी को कौन नही जानता? महात्मा गाँधी जिन्हें रास्ट्रपिता की उपाधि प्राप्त है वह हमेशा से इतने प्रशिद्ध नही थे. वकालत से अपना profession चालू करने वाले महात्मा गांधी पहले वकील बनकर अपना भरण पोषण किया करते थे.

 

बहुत ही साधारण व्यक्तित्व वाले गांधी जी cross question नही कर पाते थे ना ही चालाकी भरे प्रश्नों को पूछना या जवाब देना ही उन्हें आता था, जिसके चलते उन्हें वकालत में सिर्फ असफलता ही प्राप्त हुई. लेकिन अपनी असफलता से हार ना मानते हुए उन्होंने राजनितिक गुणों को अपने अन्दर विकसित किया और बाद में सफल भी हुए.

 

 

अमिताभ बच्चन

सदी के महानायक व् देश विदेशो में जाने माने Bollywood के महान नायक, अमिताभ बच्चन के जिंदगी में ऐसा मोड़ आया जिससे उबर पाना इतना आसान नही था. अमिताभ बच्चन ने अपनी खुद की कंपनी ABCL (Amitabh Bachchan corporation limited) चालु की. शुरू में सफल हुई कम्पनी बाद में bankrupt (दिवालिया) तक घोषित कर दी गयी.

अमिताभ बच्चन के लिए यह बहुत ही मुश्किल की घड़ी थी. तभी कौन बनेगा करोड़पति नामक कार्यक्रम ने उनकी जीवन बदल दी और वापिस उनके मंजिल तक उनको पहुचाई.

 

 

धीरूभाई अम्बानी

धीरुभाई अम्बानी जो सामान्य से परिवार में जन्म लिए, उन्होंने अपने सपने पुरे करने के लिए वो सब किया जो वो कर सकते थे और उसी का नतीजा है की आज हमारे सामने reliance नाम की कंपनी खाड़ी है जो विदेशी कंपनियों को भी टक्कर दे रही ही.

16 वर्ष के उम्र में यमन चले जाने और वही डाकयार्ड पे काम करते करते उन्होंने अपना business भारत आकर प्रारंभ किया. Risk लेना और business दिल से करना और अपना सब कुछ लगा देना, यही हर नामुमकिन को मुमकिन करती गई.

 

 

रतन टाटा

एक बहुत ही कामयाब और एक role model जैसे सक्श का नाम अगर लिया जाए तो रतन टाटा का नाम सबसे पहले आता है.

1991 में टाटा के chairman बने रतन टाटा ने उच्च शिक्षा ग्रहण कर अपने काबिलियत का लोहा मनवाया. बहुत ही शुरू के ही समय में रतन टाटा के सामने मुसीबत आ खाड़ी हुई जब टाटा की 2 कंपनिया दिवालिया हो गयी.

बहुत ही सूझ बुझ का परिचय देते हुए रतन टाटा ने employees का भरोशा जितने के लिए रिटायरमेंट की उम्र 65 से 70 वर्ष कर दी और कंपनी फिर उठ खडी हुई.

टाटा नैनो जैसी कार बाजार में लाकर इन्होने हर भारतीय के कार का सपना साकार किया.

 

 

नरेंद्र मोदी

एक साधारण से चाय बेचने वाले से खून से सने गोधरा जैसे आरोपों का दंश झेलने वाले देश के प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी ने अपने सभी असफलातो को पीछे छोड़ते हुए अपने इक्षाशक्ति का लोहा मनवाया.

गुजरात के मुख्यमन्त्री रहते हुए, मोदी ने privatization को बढ़ावा दिया और गुजरात को विकाश के रास्ते पर ले आये. आज नरेंद्र मोदी देश विदेश में एक चर्चित चेहरे के रूप में जाने जाते है.

 

 

नावाजुद्दीन सिद्दीकी

उत्तर प्रदेश के एक गरीब किसान परिवार में जन्म लिए नावाजुद्दीन सिद्दीकी ने बहुत ही अच्छे बुरे दिन देखे है. सबसे पहले एक chemical company में केमिस्ट का काम करने वाले, नावाजुद्दीन सिद्दीकी कुछ और करने का सोच दिल्ली चले गए.

दिल्ली में watchman का काम करते हुए अचानक उन्होंने मुंबई जाने की सोची और हर struggler के तरह, नावाजुद्दीन सिद्दीकी भी बहुत struggle किये. तभी अचानक पीपली लाइव में एक role मिलने की बस देर थी. अज नावाजुद्दीन सिद्दीकी को Bollywood का famous चेहरा माना जाता है.

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Manish M.

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One thought on “असफलता से हार ना मान सफल हुए लोगो की कहानियाँ

  1. असफलता हि सफलता कि सीढी है जो असफलता से हार माऩ गया वह जीवन मे कभी भी सफल ऩही हो पाएगा

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