home Inspirational Messages भारत में शिक्षा का निजीकरण

भारत में शिक्षा का निजीकरण

Present scenario में आज की सबसे महत्वपूर्ण टास्क एक बेहतर और क्वालिटी एजुकेशन को प्राप्त करना है बच्चे राष्ट्रीय को बनाने और बढ़ाने के भविष्य होते है उनको अच्छा  नागरिक एक अच्छी शिक्षा देकर ही बनाया  जा सकता है तभी वो देश के विकास में एक पिलर का काम कर सकते है

Inspirational Messages

education में Privatization की वजय से एडमिशन का स्कोप काफी बढ़ा है चाहे वो किसी भी लेवल पर हो Due to ownership, लेवल ऑफ़ क्वालिटी इंडिया में काफी बढ़ा है और कुछ जगह पर तो बहुत जायदा बढ़ी है लेकिन ये सभी प्राइवेट आर्गेनाइजेशन में true नहीं है कई जगह तो सिर्फ पैसा लिया जाता है पर वो क्वालिटी नहीं मिलती है जिसका वो पे कर रहे है |

कुछ प्राइवेट स्कूल की फीस इतनी जायदा है की वहा पर सिर्फ पैसे वाले घर के बच्चे ही जा पते है जब की गरीव घर का बच्चा की सिर्फ एक ही जगह है वो  जगह है गवर्नमेंट स्कूल | यही poor और rich का गैप बढ़ना शुरू हो जाता है | ये कहना भी जरुरी है की अगर प्राइवेट स्कूल न हो तो सरकार के पास इतने स्कूल नहीं है की सभी को एडमिशन दे सके एक तरह से आज की तारीख में प्राइवेट स्कूल इस गैप को भी भर रहे है जिसे हमारी सरकार नहीं भर पा  रही है

इस सेक्टर में job opportunities तो बढ़ रही है पर सैलरी कम हो गई है जॉब सिक्यूरिटी एंड satisfaction भी कही गायब सा हो गया है और ऐसा लगता है इस फील्ड में  कोई इनोवेशन नहीं है जब की प्राइवेट सेक्टर में उनके working रूल होते है मेथड होते है जो सभी टीचर को फॉलो करने होते है

Inspirational Messages

इन 10 सालो में गवर्नमेंट स्कूल की दशा  कुछ जायदा ही दैयनीय हो गई है जिसके कारण लोग प्राइवेट स्कूल की तरफ जा रहे है और अब ये प्राइवेट स्कूल एक बिज़नेस की तरह हो गया है जिसे Commercialization of Education भी कहते है जबकि higher एजुकेशन में सिचुएशन अभी इतनी worse अर्थात ख़राब नहीं हुई है  वहा पर अभी भी गवर्नमेंट कॉलेज सभी बच्चो की पहली choice है चाहे वो इंजीनियरिंग के क्षेत्र में हो या मेडिकल के क्षेत्र में हो या किसी भी क्षेत्र में हो |

जबकि दूसरी तरफ,  गवर्नमेंट की पालिसी के अनुशार ये क्वांटिटी को जायदा परेफरेंस दे रही है क्वालिटी के वजय  इस वह=जय से प्राइवेट कॉलेज के लोग जायदा तेज़ी से ग्रो कर जा रहे है , स्कूल में रजिस्ट्रेशन करना बहुत आसन हो गया है लोगो के मन में यही है की जहा पर जायदा फीस है वह पर पढाई जायदा अच्छे से होते है और ये इंस्टिट्यूट ब्लैक मनी को white करने का अच्छा जरिया हो गए है

MP में इंजीनियरिंग कॉलेज की दशा काफी poor है जहा पर 200 इंजीनियरिंग कॉलेज है और मुश्किल से 40 से 50 % सीट ही भर पा  रही है  ऐसे लोग इंजीनियरिंग करने के बाद एग्जाम में बैठते है परीक्षा नहीं beat कर पाते है जिसके कारण  उन्हें कोई और काम धंधा करना पढ़  रहा है क्यों की इनका एडमिशन किसी भी इंजीनियरिंग में तो हो जाता है पास होने के बाद इनका मुकाबला गवर्नमेंट स्कूल के बच्चे , iit के बच्चो के साथ होता है जिसके कारन उन्हें काफी मुस्किलो का सामना करना पड़ता है |

प्राइवेट स्कूल बड़े शहर की तरफ अच्छे है जब की गाँव की तरफ के प्राइवेट स्कूल की क्वालिटी up to the mark  नहीं है

कई जगह पर अभी भी गवर्नमेंट स्कूल बहुत अच्छे से रन कर रहे है

स्टेट गवर्नमेंट स्कूल को प्राइमरी और मिडिल लेवल पर  अभी काफी इम्प्रूव करने की जरुरत है एलीमेंट्री लेवल ही बेस होता है जो सबसे जायदा महत्वपूर्ण होता है जहा पर बच्चा एपीआई पढाई में इंटरेस्ट लेता है और किसी एक सब्जेक्ट में बहुत अच्छा करता है जबकि गवर्नमेंट अभी इस पार्ट को इग्नोर कर रही है

दूसरा सबसे क्रूशियल पार्ट है की गवर्नमेंट में trained teacher की काफी कमी है क्यों की कई जगह पर बीएड लेवल के लोगो की दशा काफी दैयनीय है जैसे की MP में वह पर बीएड की डिग्री आसानी से बेचीं जाती है अब आप समझ सकते है की गवर्नमेंट स्कूल की दशा क्या है ये लोग कोई क्लास अटेंड नहीं करते है उन्हें कोई ट्रेनिंग नहीं दी जाती की कैसे पढाया जाता है कभी कभी Samvida Shikshak Pariksha का रिक्रूटमेंट कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर कर दिया जाता है इनकी सैलरी लो होती है पर इनसे उमीद जायदा होती है

Inspirational Messages

स्ट्रेस और खर्चा गवर्नमेंट स्कूल में जायदा होता है जैसे की साइकिल वितरण , स्कालरशिप हाथ धुलाई , दोपहर का खाना , सुबह का दूध , योग , जिम इत्यादी अब सरकारी स्कूल के बच्चे का ध्यान इससे हेट तब न पढाई में जाये

जबकि दूसरी तरफ प्राइवेट स्कूल में टीचर और बच्चो पर हाई स्कोर करने के लिए मेंटल प्रेशर काफी जायदा होता है और साथ ही साथ टीचर underpay अर्थात कम वेतन दिया जाता है जबकि expectation उनसे काफी जायदा होता है | high insecurity के कान टीचर जायदा मेहनत करते है | बच्चो के पास जायदा टाइम नहीं होता है की वो आउटडोर गेम में participate करे और इसलिए वो आज के ट्रेंड में गैजेट में बिजी रहते है

Finally, kuchh private school बहुत अच्छे है लेकिन सभी नहीं जब की स्टेट गवर्नमेंट के कॉलेज इसके विपरीत है क्यों की वहा पर प्रॉपर इंफ्रास्ट्रक्चर  और बेसिक amenities नहीं है की वह पर कोई चीज़ सीखी जा सके

इसलिए हमे अपने फाउंडेशन को काफी स्ट्रोंग बनाने के लिए कुछ कार्य होने बहुत जरुरी है जैसे

  1. टीचर को उचित वेज दिए जाये
  2. वह कोई गुरूजी / संविदा / शिक्षक मित्र नहीं होना चाहिए
  3. पढाई के उपर प्रॉपर मोनिटरिंग होनी चाहिए

मित्रो आज का हमारा ये Inspirational Messages पर आधारित भारत में शिक्षा का निजीकरण का आर्टिकल कैसा लगा कृपया अपना सुझाव हमे जरुर दे हार्दिक ख़ुशी होगी

 

Facebook Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *