home Biography मुलायम सिंह यादव एक काबिल पहलवान, शिक्षक और फिर एक महान नेता बनने की गाथा

मुलायम सिंह यादव एक काबिल पहलवान, शिक्षक और फिर एक महान नेता बनने की गाथा

Mulayam Singh Yadav Biography

 

भारत की राजनीति में अगर कुछ महान नेताओं की बात की जाए तो मुलायम सिंह यादव उनमें से जरुर एक होंगे. मुलायम सिंह यादव जी की महानता आप सिर्फ इसी बात से लगा सकते है की बहुत कम उम्र से ही उन्होंने जितने चुनाव लड़े वह बहुमत से जीते.

समाजवादी पार्टी की स्थापना करने वाले ऐसे महान नेता ने देश के लिए बहुत कुछ किया है. आज जब सिर्फ नेता अपनी सिर्फ राजनीति चमकाने में लगे रहते हैं उस समय मुलायम सिंह यादव जैसे बड़े नेता को याद करना गौरव का अनुभव देता है.

 

यूनाइटेड फ्रंट की सरकार में रहते हुए 1996 से 1998 तक मुलायम सिंह यादव जी ने रक्षा मंत्री का कार्यभार संभाला और देश की रक्षा नीतियों में सहयोग भरपूर सहयोग किया. मुलायम सिंह यादव लोकसभा में पहली बार 1996 में चुनकर आए थे. मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश के तीन बार गौरवान्वित मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं.

उन्होंने पहली बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में 1989 से 1991 तक फिर 1993 से 95 तक और आखरी बार 2003 से 2007 तक पदभार संभाला और जनता के साथ कदम से कदम मिलकर चलते हुए, प्रदेश को प्रगति के रास्ते पर ले गए.

 

Mulayam Singh Yadav Biography

 

उनकी राजनीतिक जिंदगी 1960 से प्रारंभ हुई जब वह पहली बार उत्तर प्रदेश की असेंबली का चुनाव जीते और अपनी जीत को ऐसे दोहराते हुए लोकसभा में  अब तक पांच बार अपनी जीत दर्ज कर चुके है.

मुलायम सिंह यादव जी को भारतीय राजनीति में एक मुख्य वक्ता व् स्वराज राजनीतिज्ञ के तौर पर देखा जाता है जो की राजनीति में एक अहम रोल अदा किये है. वह रोल चाहे तो सरकार में रहते हुए करें या विरोधी पार्टी में रह कर सरकार के द्वारा सही और गलत फैसले लेने में अपनी अहम भूमिका निभाए.

 

 

निजी जीवन: Mulayam Singh Yadav Biography

मुलायम सिंह यादव जी का जन्म एक बहुत ही गरीब किसान परिवार में 22 नवंबर सन 1939 में हुआ था. इनका जन्म उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के सैफई नाम के गांव में हुआ था.

मुलायम सिंह यादव जी के पिता का नाम सुघर सिंह और माता जी का नाम मूर्ति देवी था. उन्होंने B.A., B.T. और M.A. की डिग्री राजनीति शास्त्र में विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से प्राप्त की. उन्होंने अपनी M.A.  की राजनीति शास्त्र की डिग्री K. K. कॉलेज, इटावा से प्राप्त की जो शिकोहाबाद में है और जो B. R. कॉलेज, आगरा के अंदर में आता है.

 

 Mulayam Singh Yadav Biography

मुलायम सिंह यादव जी की शादी स्वर्गीय मालती देवी से हुआ था जिससे उनको एक पुत्र भी हुआ था जिसका नाम अखिलेश यादव है. अखिलेश यादव का जन्म सन 1973 में हुआ था, जो अभी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के एक सक्रिय सदस्य के रूप में जाने जाते हैं.

अखिलेश यादव को जन्म देने के बाद मालती देवी मई 2003 में गुजर गई. मुलायम सिंह यादव जी की दूसरी पत्नी साधना यादव से भी एक पुत्र है, जिसका नाम प्रतीक यादव है. प्रतीक यादव का जन्म सन 1988 में हुआ था जो एक रियल एस्टेट कारोबारी के रूप में मशहूर है.

 

अखिलेश यादव जी की कहानी पढने के लिए यहाँ क्लिक करे: Akhilesh Yadav Biography

 

राजनीति में पूरी तरह सक्रीय होने से पहले नेताजी काफी प्रसिद्ध पहलवान हुवा करते थे. उनके जानने वाले उनकी कुश्तियों की बाते आज भी करते रहते है. उनका छोटा बेटा प्रतीक body builder के रूप में काफी नाम कमाया.

मुलायम सिंह यादव एक बहुत प्रोफेशनल टीचर और शुरुआत के दिनों में उत्तर प्रदेश के करहल में शिक्षक के तौर पर कार्यरत थे. वे जवानी के दिनों में कुश्ती के बहुत शौकीन थे.

 

 

राजनीति में आना: Mulayam Singh Yadav Biography

अपनी राजनीति जीवन में प्रवेश करने वाले मुलायम सिंह यादव जी डॉक्टर राम मनोहर लोहिया जी के विचारों और सिद्धांतों पर चलना चाहते थे. मुलायम सिंह यादव जी सिर्फ 15 वर्ष की उम्र में राजनीति से जुड़ गए थे.

वह पहली बार सर्वर्शी मधु लिमायें, राम सेवक यादव, कर्पूरी ठाकुर, जनेश्वर मिश्रा और राज नारायण के संपर्क में आए और वही से उनकी राजनीति में बदलाव भी आया.

 Mulayam Singh Yadav Biography

अपने राजनीतिक जीवन में रहते हुए मुलायम सिंह यादव जी को पूर्व प्रधानमंत्री श्री चंद्रशेखर, श्री वी पी सिंह और श्री चौधरी चरण सिंह जी ने मोटिवेट भी किया था.

राजनीति जीवन के साथ-साथ मुलायम सिंह यादव किसानों, गरीबों ,पिछड़ों, छोटी जातियों और विद्यार्थियों के भलाई के लिए बहुत सारे संस्थाओं के साथ भी काम करते रहे हैं. इटावा डिग्री कॉलेज से सन 1962 से 1963 तक वह विद्यार्थी यूनियन के प्रेसिडेंट पद पर भी रह चुके है.

 

 

राजनितिक सफ़र: Mulayam Singh Yadav Biography

मुलायम सिंह यादव जी ने अपने राजनीतिक कैरियर की शुरुआत महज 15 वर्ष की उम्र से शुरू की थी. सन 1968 में वह पहली बार राजनीति में आए और सिर्फ कुछ सालों के बाद ही उन्होंने उत्तर प्रदेश में अपने पहले चुनाव में भारी बहुमत से जीत हासिल की और M.L.A. बन गए.

इसके बाद सन 1974 में वह प्रतिनिधि विधायक समिति में सम्मिलित हुए. इसके बाद सन 1975 में इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्री रहते के दौरान लगी इमरजेंसी में नेता विपक्ष रहते मुलायम सिंह यादव जी को जेल भी जाना पड़ा. सन 1977 में कोआपरेटिव एनीमल हसबेंडरी महामंत्री पद पर भी कार्यरत रहे. सन 1980 आते आते वह लोकदल नामक पार्टी के प्रेसिडेंट पद की कुर्सी पर बैठ गए.

 

टाइमलाइन: Mulayam Singh Yadav Biography

सन 1982 से सन 1985 ई तक मुलायम सिंह यादव जी लोकदल नामक पार्टी के प्रेसिडेंट पद पर कार्यरत रहे.

सन 1985 से 1987 तक वह उत्तर प्रदेश की जनता दल नामक पार्टी के प्रधान पद पर कार्यरत रहे.

सन 1989 से सन 1991 तक उत्तर प्रदेश के मेंबर ऑफ लेजिस्लेटिव कॉउंसिल के सदस्य बने रहे.

 

सन 1989 में मुलायम सिंह यादव ने पहली बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लिया और कार्यभार संभाला.

साथ ही साथ 1989 में मुलायम सिंह यादव जी को उत्तर प्रदेश के लेजिस्लेटिव कॉउंसिल का लीडर ऑफ अपोजीशन रहने का गौरव भी प्राप्त हुआ.

सन 1992 में उन्होंने अपनी एक नई पार्टी बनाई जिसका नाम उन्होंने समाजवादी पार्टी रखा.

 

वह  लेजिस्लेटिव उत्तर प्रदेश की लेजिस्लेटिव असेंबली के लीडर का पॉपुलेशन भी नियुक्त किए गए हैं.

सन 1993 से 1995 तक वह दोबारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद का कार्यभार संभाले.

सन 1996 में पहली बार उन्होंने लोकसभा का चुनाव लड़ा और उत्तर प्रदेश की मैनपुरी लोकसभा सीट से जीत दर्ज की. यही नहीं उनकी यह लोक सभा की पहली जीत यूनाइटेड फ्रंट की सरकार में उन्हें रक्षा मंत्री बनने का गौरव भी दिलाई.

 

Mulayam Singh Yadav Biography

 

सन 1998  और सन 1999 में 12 वी और 13 वी लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज की है.

सन 1999 से सन 2010 तक पेट्रोल और प्राकृतिक गैस कमेटी के चेयरमैन भी बने रहे. साथ ही साथ जनरल पर्पज कमेटी के सदस्य भी रहे.

सितंबर 2003 में मुलायम सिंह यादव जी को उत्तर प्रदेश का तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने का गौरव प्राप्त किया और उन्होंने मई 2007 तक अपनी बुद्धिमता से उत्तर प्रदेश को नित नई ऊंचाइयों तक ले गए.

 

सन 2004 में 14 वी लोकसभा के चुनाव में उन्होंने फिर से जीत दर्ज की.

सन 2007 के चुनाव में समाजवादी पार्टी की हार हो गई और मुलायम सिंह यादव जी को सत्ता से बाहर रहना पड़ा और बहुजन समाज पार्टी की सरकार उत्तर प्रदेश में नियुक्त की गई.

सन 2009 में पंद्रहवी लोकसभा चुनाव में मुलायम सिंह यादव जी को एक बार फिर विशाल बहुमत के साथ चुना गया.

 

अगस्त 2009 में कमेटी ऑफ एनर्जी के चेयरमैन भी चुने गए.

सन 2014 में उन्होंने लोकसभा का चुनाव इस बार दो लोकसभा सीट मैनपुरी और गाजीपुर से लड़ने का फैसला किया और उन्होंने दोनों जगह जनता का विशाल स्नेह मिला और उन्होंने जीत दर्ज की, हालांकि बाद में उन्होंने मैनपुरी सीट को छोड़ दिया और गाजीपुर से लोकसभा सदस्य बन रहे.

मुलायम सिंह यादव जी अभी लोकसभा सदस्य रहते हुए आजमगढ़ की लोकसभा सीट से जीत दर्ज कर वहां अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

 

 

विवादों से रिश्ता: Mulayam Singh Yadav Biography

 

इतने लंबे समय तक भारतीय राजनीति में एक सम्मानित चेहरा बने रहने के साथ मुलायम सिंह यादव जी पर कई दाग भी लगे. मुलायम सिंह यादव जी पर आय से अधिक संपत्ति रखने के लिए उनके और उनके परिवार के सदस्यों पर सन 2007 में केस भी दाखिल हुवा.

उनका परिवार इसे राजनीतिक विरोधियों की राजनीतिक चाल बताया. इसके बाद में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट के आधार पर मुलायम सिंह यादव और उनके परिवार के सभी सदस्यों पर मुकदमा चलाया और जाँच भी की.

 Mulayam Singh Yadav Biography

जांच रिपोर्ट में कुछ भी सामने नहीं आया और आखिरकार सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन, सीबीआई को सितंबर 2013 में मुलायम सिंह यादव और उनके परिवार के सदस्यों पर कोई भी गवाह या सबूत ना होने के चलते इसे रद्द करना पड़ा. मुलायम सिंह यादव जी और उनके परिवार के सदस्य बाइज्जत बरी हुए.

 

मुलायम सिंह यादव जी ने फरवरी 2007 में सुप्रीम कोर्ट में अपनी दो शादियों के बारे में स्पष्ट बताया था. उनकी एक और पत्नी साधना सिंह है जिनसे उनको दूसरा बेटा प्रतीक यादव है जो एक रियल एस्टेट कारोबारी है.

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